भारतीय रेलवे ने ₹381 करोड़ की कवच रेल सुरक्षा परियोजनाएँ मंज़ूर कीं
विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 11 जुलाई 2026
भारतीय रेलवे ने 10 जुलाई 2026 को रेल सुरक्षा एवं लोकोमोटिव रखरखाव को मजबूत करने के लिए कुल ₹381 करोड़ की दो प्रमुख परियोजनाओं को मंज़ूरी दी। इन परियोजनाओं में कवच वर्ज़न 4.0 स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली की तैनाती एवं इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाएँ शामिल हैं, जो स्वदेशी रेल सुरक्षा तकनीक के देशव्यापी विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम है।
कवच भारत में स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (Automatic Train Protection - ATP) प्रणाली है, जिसे अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) द्वारा विकसित किया गया है। इसे सिग्नल पास्ड एट डेंजर (SPAD) की घटनाओं एवं आमने-सामने की टक्करों को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है—यदि लोको-पायलट सिग्नल या गति सीमा का पालन नहीं करता, तो कवच स्वतः ब्रेक लगा देता है। इसे पहले ट्रेन कोलिज़न अवॉइडेंस सिस्टम (TCAS) कहा जाता था।
पहली परियोजना के तहत उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल में 680 रूट किलोमीटर पर कवच 4.0 तैनात किया जाएगा, जिसमें रेवाड़ी–दिल्ली एवं शकूरबस्ती–बठिंडा खंड तथा उनकी फीडर शाखा लाइनें शामिल हैं। यह उच्च-घनत्व वाले मार्गों पर सुरक्षा को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा।
दूसरी परियोजना ₹175 करोड़ की है, जो दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत रायपुर के हाई हॉर्स पावर डीज़ल शेड में 250 थ्री-फेज़ इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाएँ प्रदान करेगी। होमिंग सुविधाएँ नामित शेडों पर लोकोमोटिव को खड़ा करने एवं उनके रखरखाव के लिए उपयोग की जाती हैं।
ये मंज़ूरियाँ भारतीय रेलवे के व्यापक आधुनिकीकरण अभियान का हिस्सा हैं। मार्च 2026 तक लगभग 3,103 रूट किलोमीटर पर कवच लगाया जा चुका था, एवं अंबाला व अहमदाबाद मंडलों में इसकी और तैनाती की योजना है। ये पहलें उच्च-घनत्व मार्गों पर माल एवं यात्री सेवाओं की परिचालन विश्वसनीयता को बढ़ाती हैं।
आर्थिक एवं रणनीतिक दृष्टि से कवच जैसी स्वदेशी सुरक्षा प्रणालियाँ न केवल यात्री सुरक्षा को बढ़ाती हैं, बल्कि "मेक इन इंडिया" एवं आत्मनिर्भर भारत को भी सशक्त करती हैं। भविष्य में कवच के निर्यात की संभावनाएँ भी हैं, जिससे भारत रेल सुरक्षा तकनीक में एक वैश्विक आपूर्तिकर्ता बन सकता है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)
◆ भारतीय रेलवे ने 10 जुलाई 2026 को ₹381 करोड़ की दो परियोजनाएँ मंज़ूर कीं।
◆ कवच RDSO द्वारा विकसित स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली है।
◆ कवच को पहले ट्रेन कोलिज़न अवॉइडेंस सिस्टम (TCAS) कहा जाता था।
◆ पहली परियोजना: दिल्ली मंडल में 680 रूट किमी पर कवच 4.0।
◆ दूसरी परियोजना: ₹175 करोड़, रायपुर में 250 लोको हेतु होमिंग सुविधाएँ।
◆ कवच SPAD एवं आमने-सामने की टक्करों को रोकता है।
◆ मार्च 2026 तक लगभग 3,103 रूट किमी पर कवच लगाया जा चुका था।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।
प्रश्न 1. भारतीय रेलवे ने जुलाई 2026 में कितनी राशि की कवच परियोजनाएँ मंज़ूर कीं?
उत्तर देखें
उत्तर: C – ₹381 करोड़
व्याख्या: कुल ₹381 करोड़ की दो परियोजनाओं को मंज़ूरी दी गई।
प्रश्न 2. कवच किस प्रकार की प्रणाली है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली
व्याख्या: कवच एक स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली है।
प्रश्न 3. कवच का पूर्व नाम क्या था?
उत्तर देखें
उत्तर: B – ट्रेन कोलिज़न अवॉइडेंस सिस्टम (TCAS)
व्याख्या: कवच को पहले TCAS कहा जाता था।
प्रश्न 4. कवच को किस संगठन ने विकसित किया है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – RDSO
व्याख्या: कवच को अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) ने विकसित किया है।
प्रश्न 5. दिल्ली मंडल में कवच 4.0 कितने रूट किलोमीटर पर तैनात किया जाएगा?
उत्तर देखें
उत्तर: C – 680
व्याख्या: पहली परियोजना के तहत दिल्ली मंडल में 680 रूट किमी पर कवच 4.0 तैनात होगा।
प्रश्न 6. दूसरी परियोजना (होमिंग सुविधाएँ) किस स्थान से संबंधित है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – रायपुर
व्याख्या: ₹175 करोड़ की होमिंग सुविधाएँ रायपुर के डीज़ल शेड में प्रदान की जाएँगी।
प्रश्न 7. मार्च 2026 तक कवच लगभग कितने रूट किलोमीटर पर लगाया जा चुका था?
उत्तर देखें
उत्तर: C – 3,103
व्याख्या: मार्च 2026 तक लगभग 3,103 रूट किमी पर कवच लगाया जा चुका था।
प्रश्न 8. SPAD का पूरा नाम क्या है, जिसे कवच रोकता है?
उत्तर देखें
उत्तर: A – सिग्नल पास्ड एट डेंजर
व्याख्या: SPAD का अर्थ है सिग्नल पास्ड एट डेंजर, जिसे कवच रोकता है।
प्रश्न 9. कवच जैसी स्वदेशी प्रणाली किस राष्ट्रीय पहल को मजबूत करती है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – आत्मनिर्भर भारत / मेक इन इंडिया
व्याख्या: कवच स्वदेशी तकनीक है, जो आत्मनिर्भर भारत एवं मेक इन इंडिया को सशक्त करती है।
प्रश्न 10. होमिंग सुविधाओं का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – लोकोमोटिव को खड़ा करना एवं रखरखाव
व्याख्या: होमिंग सुविधाएँ नामित शेडों पर लोकोमोटिव को खड़ा करने एवं रखरखाव के लिए उपयोग होती हैं।
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
- ➜ प्रीलिम्स: कवच (ATP), RDSO, TCAS, SPAD, कवच कवरेज आँकड़े।
- ➜ मेन्स GS-III: बुनियादी ढाँचा, रेल सुरक्षा, स्वदेशी तकनीक।
- ➜ अर्थव्यवस्था: रेलवे आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भर भारत, निर्यात संभावनाएँ।
- ➜ सुरक्षा: यात्री सुरक्षा एवं परिचालन विश्वसनीयता।
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
भारतीय रेलवे में यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने में कवच जैसी स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणालियों के महत्व की चर्चा कीजिए तथा देशव्यापी तैनाती में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
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