इसरो ने गगनयान के लिए तीन क्रू मॉड्यूल परीक्षण किए
विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 13 जुलाई 2026
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने 12 और 13 जुलाई 2026 को गगनयान क्रू मॉड्यूल प्रणालियों के तीन महत्वपूर्ण योग्यता (qualification) परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए। गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान (human spaceflight) मिशन है, जिसका उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा में भेजकर सुरक्षित वापस लाना है। इन परीक्षणों ने मिशन की तकनीकी तैयारियों को एक निर्णायक चरण तक पहुँचा दिया है।
पहला परीक्षण क्रू मॉड्यूल अप-राइटिंग सिस्टम (CMUS) के लिए फ्लोट इन्फ्लेशन टेस्ट था। यह प्रणाली समुद्र में स्प्लैशडाउन के बाद क्रू कैप्सूल को सीधा (upright) करने का कार्य करती है, ताकि अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रहें। यह कोल्ड-गैस तकनीक का उपयोग करती है, जो फ्लोट को फुलाकर मॉड्यूल को स्थिर स्थिति में लाती है।
दूसरा परीक्षण क्रू मॉड्यूल–सर्विस मॉड्यूल कनेक्ट एवं डिस्कनेक्ट सिस्टम (CS-CDS) के लिए अम्बिलिकल पृथक्करण (umbilical separation) परीक्षण था। यह प्रणाली पुनःप्रवेश (re-entry) से पहले क्रू मॉड्यूल को सर्विस मॉड्यूल से अलग करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे कैप्सूल सुरक्षित रूप से पृथ्वी की ओर लौट सके।
तीसरा परीक्षण एपेक्स कवर पृथक्करण भार हेतु क्रू मॉड्यूल संरचनात्मक योग्यता परीक्षण था। एपेक्स कवर पैराशूट प्रणाली की सुरक्षा करता है और अवतरण के दौरान उचित समय पर अलग होकर पैराशूट को खुलने देता है। यह परीक्षण संरचना की मजबूती एवं भार-सहनशीलता को प्रमाणित करता है।
रणनीतिक दृष्टि से गगनयान भारत की अंतरिक्ष शक्ति एवं आत्मनिर्भर तकनीकी क्षमता का प्रतीक है। मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता प्राप्त करने से भारत अमेरिका, रूस एवं चीन जैसे चुनिंदा देशों के समूह में शामिल होगा। यह उपलब्धि भविष्य के अंतरिक्ष स्टेशन (भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन) और गहन अंतरिक्ष अन्वेषण की नींव भी रखती है।
आर्थिक एवं रोजगार के दृष्टिकोण से गगनयान जैसे बड़े मिशन उन्नत विनिर्माण, अनुसंधान एवं उच्च-तकनीक उद्योगों को बढ़ावा देते हैं। इससे स्टार्टअप्स, निजी अंतरिक्ष कंपनियों एवं कुशल इंजीनियरों के लिए नए अवसर पैदा होते हैं, जो भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते हैं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)
◆ ISRO ने 12–13 जुलाई 2026 को गगनयान के तीन क्रू मॉड्यूल परीक्षण पूरे किए।
◆ गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन है।
◆ पहला परीक्षण: क्रू मॉड्यूल अप-राइटिंग सिस्टम (CMUS) हेतु फ्लोट इन्फ्लेशन टेस्ट।
◆ CMUS कोल्ड-गैस तकनीक से कैप्सूल को स्प्लैशडाउन के बाद सीधा करता है।
◆ दूसरा परीक्षण: CS-CDS हेतु अम्बिलिकल पृथक्करण परीक्षण।
◆ तीसरा परीक्षण: एपेक्स कवर पृथक्करण हेतु संरचनात्मक योग्यता परीक्षण।
◆ एपेक्स कवर पैराशूट प्रणाली की सुरक्षा करता है।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।
प्रश्न 1. गगनयान किस प्रकार का मिशन है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन
व्याख्या: गगनयान का उद्देश्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को निचली कक्षा में भेजकर सुरक्षित वापस लाना है।
प्रश्न 2. ISRO ने ये तीन क्रू मॉड्यूल परीक्षण किस अवधि में किए?
उत्तर देखें
उत्तर: B – 12–13 जुलाई 2026
व्याख्या: ISRO ने 12 और 13 जुलाई 2026 को ये योग्यता परीक्षण पूरे किए।
प्रश्न 3. CMUS का पूर्ण रूप क्या है?
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उत्तर: B – क्रू मॉड्यूल अप-राइटिंग सिस्टम
व्याख्या: CMUS स्प्लैशडाउन के बाद क्रू कैप्सूल को सीधा करता है।
प्रश्न 4. CMUS किस तकनीक का उपयोग करता है?
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उत्तर: B – कोल्ड-गैस तकनीक
व्याख्या: यह कोल्ड-गैस से फ्लोट को फुलाकर मॉड्यूल को स्थिर करता है।
प्रश्न 5. CS-CDS परीक्षण किससे संबंधित था?
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उत्तर: B – अम्बिलिकल पृथक्करण
व्याख्या: CS-CDS क्रू मॉड्यूल को सर्विस मॉड्यूल से अलग करता है।
प्रश्न 6. एपेक्स कवर मुख्यतः किसकी सुरक्षा करता है?
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उत्तर: B – पैराशूट प्रणाली
व्याख्या: एपेक्स कवर अवतरण के समय पैराशूट प्रणाली की सुरक्षा करता है और उचित समय पर अलग होता है।
प्रश्न 7. स्प्लैशडाउन का अर्थ क्या है?
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उत्तर: B – समुद्र में कैप्सूल का अवतरण
व्याख्या: स्प्लैशडाउन में क्रू कैप्सूल पैराशूट की मदद से समुद्र में उतरता है।
प्रश्न 8. मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता प्राप्त करने पर भारत किस चुनिंदा समूह में शामिल होगा?
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उत्तर: A – अमेरिका, रूस, चीन
व्याख्या: अब तक केवल अमेरिका, रूस और चीन ने स्वतंत्र रूप से मानव अंतरिक्ष उड़ान भेजी है।
प्रश्न 9. गगनयान मिशन का दीर्घकालिक रणनीतिक लक्ष्य किससे जुड़ा है?
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उत्तर: B – भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन एवं गहन अंतरिक्ष अन्वेषण
व्याख्या: गगनयान भविष्य के भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और गहन अन्वेषण की नींव रखता है।
प्रश्न 10. योग्यता (qualification) परीक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
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उत्तर: B – प्रणाली की विश्वसनीयता एवं सुरक्षा प्रमाणित करना
व्याख्या: योग्यता परीक्षण यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रणालियाँ वास्तविक मिशन परिस्थितियों में सुरक्षित एवं विश्वसनीय हैं।
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
- ➜ प्रीलिम्स: गगनयान, CMUS, CS-CDS, एपेक्स कवर, स्प्लैशडाउन जैसे तकनीकी शब्द।
- ➜ मेन्स GS-III: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष कार्यक्रम, स्वदेशी तकनीक विकास।
- ➜ अर्थव्यवस्था/रोजगार: अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, निजी अंतरिक्ष क्षेत्र एवं स्टार्टअप।
- ➜ रणनीतिक महत्व: भारत की अंतरिक्ष शक्ति एवं आत्मनिर्भरता।
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
गगनयान मिशन के तहत हाल ही में किए गए क्रू मॉड्यूल योग्यता परीक्षणों के महत्व की चर्चा करते हुए, भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम की तकनीकी चुनौतियों एवं रणनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
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