भारतीय नौसेना को एक और MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टर मिला (2026): 24 में से 21 शामिल
विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 17 जुलाई 2026
जुलाई 2026 में भारतीय नौसेना को कोच्चि में एक और MH-60R सीहॉक बहुभूमिका समुद्री हेलीकॉप्टर प्राप्त हुआ, जिससे अमेरिका से ऑर्डर किए गए 24 में से शामिल किए गए हेलीकॉप्टरों की कुल संख्या 21 हो गई। शेष तीन हेलीकॉप्टर 2026 के अंत तक मिलने की उम्मीद है, और यह उपलब्धि हाल के वर्षों में भारत के सबसे महत्वपूर्ण नौसैनिक-विमानन अधिग्रहणों में से एक के लगभग पूर्ण होने का संकेत देती है। रक्षा एवं करेंट अफेयर्स की तैयारी के लिए यह कहानी विदेशी सैन्य बिक्री, स्वदेशी बेड़ा योजना एवं हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती समुद्री उपस्थिति को एक साथ जोड़ती है।
MH-60R सीहॉक लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित एक बहुभूमिका समुद्री हेलीकॉप्टर है और इसे विश्व के सबसे सक्षम शिपबोर्न हेलीकॉप्टरों में गिना जाता है। यह सिकोर्स्की ब्लैक हॉक परिवार का एक नौसैनिक संस्करण है और इसे फ्रिगेट, विध्वंसक एवं विमानवाहक पोतों से संचालित होने हेतु डिज़ाइन किया गया है। इसके प्रमुख मिशनों में पनडुब्बी-रोधी युद्ध (ASW), सतह-रोधी युद्ध (ASuW), खोज एवं बचाव तथा विशेष-अभियान समर्थन शामिल हैं — जो इसे लंबी समुद्री संचार लाइनों की सुरक्षा चाहने वाली ब्लू-वाटर नौसेना के लिए एक वास्तविक शक्ति-गुणक बनाते हैं।
भारत ने फरवरी 2020 में अमेरिका के विदेशी सैन्य बिक्री (FMS) कार्यक्रम के तहत लगभग 2.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य पर 24 MH-60R हेलीकॉप्टरों का अनुबंध किया। FMS मार्ग किसी साझेदार देश को सरकार-से-सरकार आधार पर रक्षा उपकरण खरीदने की सुविधा देता है, जिससे प्रायः मानकीकृत गुणवत्ता, प्रशिक्षण एवं बिक्री-पश्चात समर्थन सुनिश्चित होता है। ये हेलीकॉप्टर विशेष रूप से नौसेना की शिपबोर्न विमानन क्षमता को मजबूत करने, पुराने प्लेटफॉर्मों की जगह लेने एवं आधुनिक पनडुब्बी-रोधी हेलीकॉप्टरों की दीर्घकालिक कमी को पूरा करने हेतु ऑर्डर किए गए थे।
भारतीय नौसेना ने मार्च 2024 में INS गरुड़, कोच्चि में भारतीय नौसैनिक वायु स्क्वाड्रन (INAS) 334 में MH-60R बेड़े को औपचारिक रूप से शामिल किया। INS गरुड़ केरल में स्थित नौसेना का प्रमुख नौसैनिक वायु स्टेशन है, और INAS 334 इस प्रकार के हेलीकॉप्टरों हेतु संचालन स्क्वाड्रन के रूप में कार्य करता है। बेड़े को मिशन-तैयार रखने के लिए भारत ने दिसंबर 2025 में लगभग 7,995 करोड़ रुपये का सस्टेनमेंट पैकेज हस्ताक्षरित किया, जो रखरखाव, स्पेयर्स एवं परिचालन उपलब्धता को कवर करता है — यह याद दिलाता है कि युद्ध क्षमता बनाए रखने में जीवन-चक्र समर्थन एवं स्पेयर्स प्रायः प्रारंभिक खरीद जितने ही महत्वपूर्ण होते हैं।
वर्तमान ऑर्डर के अतिरिक्त, बताया जा रहा है कि भारतीय नौसेना अपने युद्धपोतों के लिए हेलीकॉप्टरों की लगातार कमी को दूर करने हेतु MH-60R हेलीकॉप्टरों का एक अतिरिक्त बैच खरीदने पर विचार कर रही है। सभी भूमिकाओं में कुल आवश्यकता 100 से अधिक हेलीकॉप्टरों की अनुमानित है, जो नौसैनिक प्लेटफॉर्मों की बढ़ती संख्या एवं एम्बार्क्ड विमानन संपत्तियों की उपलब्धता के बीच असंतुलन को दर्शाती है। यह अंतर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि हेलीकॉप्टर एक युद्धपोत की सेंसर एवं स्ट्राइक पहुँच को क्षितिज से बहुत आगे तक बढ़ा देते हैं, विशेषकर पनडुब्बियों के विरुद्ध।
परीक्षा की दृष्टि से, MH-60R का समावेश एक संक्षिप्त केस स्टडी है जो कई विषयों को जोड़ती है: रक्षा खरीद तंत्र (FMS बनाम मेक-इन-इंडिया), भारत-अमेरिका रणनीतिक एवं रक्षा सहयोग, हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा, तथा नौसैनिक विमानन का परिचालन महत्व। अभ्यर्थियों को मुख्य आँकड़े याद रखने चाहिए — निर्माता, 24-हेलीकॉप्टर ऑर्डर, FMS मार्ग, 2024 में INS गरुड़ पर INAS 334 में समावेश, एवं 2025 का सस्टेनमेंट पैकेज — क्योंकि ये विवरण वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में आने की सर्वाधिक संभावना रखते हैं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)
◆ MH-60R सीहॉक लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित है एवं सिकोर्स्की ब्लैक हॉक परिवार का नौसैनिक संस्करण है।
◆ भारत ने फरवरी 2020 में अमेरिकी FMS कार्यक्रम के तहत लगभग 2.6 बिलियन डॉलर में 24 MH-60R ऑर्डर किए।
◆ INAS का पूर्ण रूप है Indian Naval Air Squadron; MH-60R बेड़ा INAS 334 द्वारा संचालित है।
◆ INS गरुड़ कोच्चि, केरल में स्थित भारतीय नौसेना का नौसैनिक वायु स्टेशन है।
◆ MH-60R बेड़ा मार्च 2024 में शामिल हुआ; जुलाई 2026 तक 24 में से 21 प्राप्त।
◆ भारत ने दिसंबर 2025 में लगभग 7,995 करोड़ रुपये का सस्टेनमेंट पैकेज हस्ताक्षरित किया।
◆ नौसेना की कुल हेलीकॉप्टर आवश्यकता 100 से अधिक अनुमानित है।
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।
MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टर किस कंपनी द्वारा विकसित है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – लॉकहीड मार्टिन
व्याख्या: MH-60R सीहॉक लॉकहीड मार्टिन (सिकोर्स्की) का बहुभूमिका समुद्री हेलीकॉप्टर है।
भारत ने अमेरिका से कितने MH-60R हेलीकॉप्टर ऑर्डर किए?
उत्तर देखें
उत्तर: C – 24
व्याख्या: भारत ने फरवरी 2020 में 24 MH-60R हेलीकॉप्टरों का अनुबंध किया।
भारत ने MH-60R हेलीकॉप्टर किस कार्यक्रम के तहत खरीदे?
उत्तर देखें
उत्तर: B – विदेशी सैन्य बिक्री (FMS)
व्याख्या: यह सौदा अमेरिका के सरकार-से-सरकार FMS मार्ग के तहत हस्ताक्षरित हुआ।
MH-60R बेड़े को किस भारतीय नौसैनिक वायु स्क्वाड्रन में शामिल किया गया?
उत्तर देखें
उत्तर: B – INAS 334
व्याख्या: बेड़े को मार्च 2024 में INS गरुड़, कोच्चि पर INAS 334 में शामिल किया गया।
INS गरुड़, जहाँ MH-60R बेड़ा स्थित है, किस शहर में है?
उत्तर देखें
उत्तर: C – कोच्चि
व्याख्या: INS गरुड़ कोच्चि, केरल में भारतीय नौसेना का नौसैनिक वायु स्टेशन है।
MH-60R सीहॉक किस हेलीकॉप्टर परिवार का नौसैनिक संस्करण है?
उत्तर देखें
उत्तर: C – ब्लैक हॉक
व्याख्या: सीहॉक सिकोर्स्की ब्लैक हॉक (S-70/H-60) परिवार से व्युत्पन्न है।
निम्न में से कौन-सी MH-60R सीहॉक की प्रमुख भूमिका नहीं है?
उत्तर देखें
उत्तर: D – रणनीतिक बमबारी
व्याख्या: MH-60R ASW, ASuW, SAR एवं विशेष-अभियान समर्थन करता है — रणनीतिक बमबारी नहीं।
भारत के MH-60R अधिग्रहण के संबंध में कथनों पर विचार करें:\n1. अनुबंध का मूल्य लगभग 2.6 बिलियन डॉलर था।\n2. दिसंबर 2025 में लगभग 7,995 करोड़ रुपये का सस्टेनमेंट पैकेज हस्ताक्षरित हुआ।\nकौन-सा/से सही है/हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: C – 1 एवं 2 दोनों
व्याख्या: 2020 का अनुबंध लगभग 2.6 बिलियन डॉलर था एवं दिसंबर 2025 में ~7,995 करोड़ रुपये का सस्टेनमेंट पैकेज आया।
MH-60R सौदे में प्रयुक्त विदेशी सैन्य बिक्री (FMS) मार्ग का सर्वोत्तम वर्णन क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – अमेरिका का सरकार-से-सरकार रक्षा बिक्री कार्यक्रम
व्याख्या: FMS साझेदार देशों को रक्षा उपकरण बेचने का अमेरिकी सरकार-से-सरकार तंत्र है।
MH-60R जैसी एम्बार्क्ड नौसैनिक विमानन भारतीय नौसेना के लिए रणनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर देखें
उत्तर: B – यह युद्धपोत की सेंसर एवं स्ट्राइक पहुँच को क्षितिज से आगे बढ़ाती है, विशेषकर पनडुब्बियों के विरुद्ध
व्याख्या: शिपबोर्न हेलीकॉप्टर क्षितिज-पार पहचान एवं पनडुब्बी-रोधी क्षमता को अत्यधिक बढ़ाते हैं।
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
➜ प्रारंभिक परीक्षा: MH-60R, लॉकहीड मार्टिन, INAS 334, INS गरुड़, FMS मार्ग।
➜ मुख्य परीक्षा GS-II: भारत–अमेरिका रणनीतिक एवं रक्षा सहयोग।
➜ मुख्य परीक्षा GS-III: रक्षा खरीद, स्वदेशीकरण बनाम आयात, समुद्री सुरक्षा।
➜ सुरक्षा: नौसैनिक विमानन एवं हिंद महासागर क्षेत्र में शक्ति प्रक्षेपण।
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
"आधुनिक नौसैनिक विमानन हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के समुद्री हितों की सुरक्षा हेतु केंद्रीय है।" इस संदर्भ में MH-60R सीहॉक जैसे प्लेटफॉर्मों के रणनीतिक महत्व की चर्चा कीजिए तथा विदेशी सैन्य बिक्री मार्ग एवं स्वदेशी रक्षा निर्माण के बीच के व्यापार-संतुलन का मूल्यांकन कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)
📚 Cosmo Classes की अन्य महत्वपूर्ण कैटेगरी
अपनी परीक्षा की तैयारी को और मजबूत बनाने के लिए नीचे दी गई कैटेगरी भी जरूर देखें।