जैव विविधता का संरक्षक: आइज़ोल का नेचुरल हिस्ट्री म्यूज़ियम बना भारत का 21वाँ रिपॉज़िटरी

विकास सर द्वारा, संस्थापक एवं वरिष्ठ फैकल्टी – Cosmo Classes | 7 जुलाई 2026

मिज़ोरम विश्वविद्यालय के आइज़ोल स्थित नेचुरल हिस्ट्री म्यूज़ियम को जैविक विविधता अधिनियम के अंतर्गत देश का 21वाँ अधिसूचित रिपॉज़िटरी घोषित किया गया है। यह निर्णय पूर्वोत्तर भारत की अत्यंत समृद्ध जैव विविधता के वैज्ञानिक दस्तावेज़ीकरण और दीर्घकालिक संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहर को संस्थागत मान्यता प्रदान करता है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने 7 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण की सिफ़ारिश पर इस संग्रहालय को रिपॉज़िटरी का दर्जा देने की घोषणा की, जो जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के तहत 19 जून 2026 से प्रभावी मानी गई है। रिपॉज़िटरी एक अधिकृत सुविधा होती है जो जैविक सामग्री को सुरक्षित अभिरक्षा में रखती है और शोध व वाणिज्यिक उपयोग में लाए गए जैविक संसाधनों के लिए एक विधिक रजिस्ट्री के रूप में कार्य करती है।

इस सुविधा में वाउचर नमूने संरक्षित किए जाते हैं — ये पहचान और सत्यापन के लिए संदर्भ के रूप में रखे गए संरक्षित नमूने होते हैं। संग्रहालय मिज़ोरम तथा समूचे पूर्वोत्तर की वनस्पतियों और जीव-जंतुओं के नमूनों का संरक्षण करेगा, जिनमें टेरिडोफाइट्स व मैक्रोफंगी जैसी वनस्पतियाँ तथा सरीसृप, उभयचर, मछलियाँ, पतंगे, भृंग और तितलियाँ जैसे जीव शामिल हैं।

यह संग्रहालय क्षेत्र में खोजी गई नई प्रजातियों के टाइप नमूनों के लिए एक डिपॉज़िटरी के रूप में भी कार्य करेगा। टाइप नमूने किसी नई प्रजाति के औपचारिक वर्णन और नामकरण का आधार बनते हैं, इसलिए इनका सुरक्षित संरक्षण वर्गिकी (Taxonomy) और जैव विविधता अनुसंधान की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इससे भविष्य के शोधकर्ताओं को विश्वसनीय संदर्भ सामग्री उपलब्ध रहेगी।

भारत में जैव विविधता के प्रबंधन हेतु त्रिस्तरीय संस्थागत ढाँचा है — राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, राज्य स्तर पर राज्य जैव विविधता बोर्ड और स्थानीय स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ। रिपॉज़िटरी का यह दर्जा इस ढाँचे को और सशक्त करता है तथा जैविक संसाधनों तक पहुँच एवं लाभ-साझाकरण (ABS) की व्यवस्था को व्यावहारिक बनाता है।

व्यापक परिप्रेक्ष्य में यह कदम पूर्वोत्तर भारत की जैविक संपदा के संरक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान और स्थानीय समुदायों के पारंपरिक ज्ञान की रक्षा की दृष्टि से अत्यंत लाभकारी है। जैव विविधता की सुरक्षा न केवल पारिस्थितिक संतुलन के लिए, बल्कि जैव प्रौद्योगिकी, औषधि व सतत विकास की दृष्टि से भी राष्ट्रीय हित से जुड़ी है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)

  • ◆ नेचुरल हिस्ट्री म्यूज़ियम, आइज़ोल (मिज़ोरम विश्वविद्यालय) — भारत का 21वाँ अधिसूचित रिपॉज़िटरी।
  • ◆ विधिक आधार: जैविक विविधता अधिनियम, 2002; अधिसूचना 19 जून 2026 से प्रभावी।
  • ◆ सिफ़ारिश: राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA)।
  • ◆ रिपॉज़िटरी: जैविक सामग्री की सुरक्षित अभिरक्षा व विधिक रजिस्ट्री हेतु अधिकृत सुविधा।
  • ◆ संरक्षित सामग्री: टेरिडोफाइट्स, मैक्रोफंगी, सरीसृप, उभयचर, मछलियाँ, पतंगे, भृंग, तितलियाँ।
  • ◆ टाइप नमूने: नई प्रजातियों के वर्णन व नामकरण का आधार।
  • ◆ त्रिस्तरीय ढाँचा: NBA, राज्य जैव विविधता बोर्ड, जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ।

अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)

कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।

प्रश्न 1मध्यम स्तर

आइज़ोल का नेचुरल हिस्ट्री म्यूज़ियम भारत का कौन-सा अधिसूचित रिपॉज़िटरी बना है?

(A) 19वाँ
(B) 20वाँ
(C) 21वाँ
(D) 22वाँ
उत्तर देखें

उत्तर: (C) 21वाँ

व्याख्या: यह देश का 21वाँ अधिसूचित रिपॉज़िटरी घोषित किया गया है।

प्रश्न 2मध्यम स्तर

यह रिपॉज़िटरी किस अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित की गई है?

(A) वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972
(B) जैविक विविधता अधिनियम, 2002
(C) पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986
(D) वन संरक्षण अधिनियम, 1980
उत्तर देखें

उत्तर: (B) जैविक विविधता अधिनियम, 2002

व्याख्या: अधिसूचना जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के तहत की गई है।

प्रश्न 3मध्यम स्तर

रिपॉज़िटरी के दर्जे की सिफ़ारिश किसने की?

(A) राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण
(B) यूनेस्को
(C) ZSI
(D) भारतीय वन्यजीव संस्थान
उत्तर देखें

उत्तर: (A) राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण

व्याख्या: NBA की सिफ़ारिश पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने दर्जा दिया।

प्रश्न 4मध्यम स्तर

यह संग्रहालय मुख्यतः किस क्षेत्र की जैव विविधता का संरक्षण करेगा?

(A) पश्चिमी घाट
(B) हिमालय
(C) पूर्वोत्तर भारत
(D) थार मरुस्थल
उत्तर देखें

उत्तर: (C) पूर्वोत्तर भारत

व्याख्या: यह मिज़ोरम व समूचे पूर्वोत्तर की वनस्पति व जीव-जंतुओं के नमूने संरक्षित करेगा।

प्रश्न 5मध्यम स्तर

रिपॉज़िटरी में संरक्षित "वाउचर नमूने" का उद्देश्य क्या है?

(A) केवल प्रदर्शन
(B) पहचान व सत्यापन हेतु संदर्भ
(C) व्यापार
(D) औषधि उत्पादन
उत्तर देखें

उत्तर: (B) पहचान व सत्यापन हेतु संदर्भ

व्याख्या: वाउचर नमूने पहचान व सत्यापन के लिए संदर्भ के रूप में संरक्षित किए जाते हैं।

प्रश्न 6मध्यम स्तर

"टाइप नमूने" (Type Specimens) का क्या महत्व है?

(A) नई प्रजाति के वर्णन व नामकरण का आधार
(B) केवल पर्यटन
(C) केवल शिक्षा
(D) कोई महत्व नहीं
उत्तर देखें

उत्तर: (A) नई प्रजाति के वर्णन व नामकरण का आधार

व्याख्या: टाइप नमूने किसी नई प्रजाति के औपचारिक वर्णन व नामकरण का आधार बनते हैं।

प्रश्न 7मध्यम स्तर

भारत में जैव विविधता प्रबंधन का त्रिस्तरीय ढाँचा किसमें शामिल है?

(A) NBA, राज्य बोर्ड, BMC
(B) केवल NBA
(C) केवल राज्य बोर्ड
(D) संसद, राज्यसभा, लोकसभा
उत्तर देखें

उत्तर: (A) NBA, राज्य बोर्ड, BMC

व्याख्या: राष्ट्रीय (NBA), राज्य (SBB) व स्थानीय (BMC) स्तर पर यह त्रिस्तरीय ढाँचा है।

प्रश्न 8UPSC/RPSC स्तर

जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के "पहुँच एवं लाभ-साझाकरण (ABS)" सिद्धांत के संदर्भ में सर्वाधिक उपयुक्त कथन कौन-सा है?

(A) यह जैविक संसाधनों के व्यावसायिक उपयोग से प्राप्त लाभ के न्यायसंगत बँटवारे से संबंधित है
(B) यह केवल वन्यजीवों की तस्करी रोकता है
(C) यह केवल विदेशी निवेश को बढ़ावा देता है
(D) इसका जैव विविधता से कोई संबंध नहीं
उत्तर देखें

उत्तर: (A) यह जैविक संसाधनों के व्यावसायिक उपयोग से प्राप्त लाभ के न्यायसंगत बँटवारे से संबंधित है

व्याख्या: ABS नागोया प्रोटोकॉल की भावना पर आधारित लाभ-साझाकरण की व्यवस्था है।

प्रश्न 9UPSC/RPSC स्तर

पूर्वोत्तर भारत की जैव विविधता के संदर्भ में कौन-सा कथन सर्वाधिक सही है?

(A) यह क्षेत्र जैव विविधता की दृष्टि से नगण्य है
(B) यह इंडो-बर्मा जैव विविधता हॉटस्पॉट का भाग है
(C) यहाँ कोई स्थानिक प्रजाति नहीं
(D) यह केवल रेगिस्तानी क्षेत्र है
उत्तर देखें

उत्तर: (B) यह इंडो-बर्मा जैव विविधता हॉटस्पॉट का भाग है

व्याख्या: पूर्वोत्तर भारत इंडो-बर्मा वैश्विक जैव विविधता हॉटस्पॉट का हिस्सा है और अत्यधिक समृद्ध है।

प्रश्न 10UPSC/RPSC स्तर

वर्गिकी (Taxonomy) व संग्रहालय-आधारित रिपॉज़िटरी के महत्व के बारे में सर्वाधिक उपयुक्त कथन कौन-सा है?

(A) ये केवल पुरातन गतिविधियाँ हैं
(B) ये प्रजाति पहचान, संरक्षण नीति व अनुसंधान की रीढ़ हैं
(C) इनका नीति-निर्माण से कोई संबंध नहीं
(D) ये केवल शैक्षणिक कौतूहल हैं
उत्तर देखें

उत्तर: (B) ये प्रजाति पहचान, संरक्षण नीति व अनुसंधान की रीढ़ हैं

व्याख्या: वर्गिकी व रिपॉज़िटरी विश्वसनीय संदर्भ प्रदान कर संरक्षण व अनुसंधान को आधार देते हैं।

UPSC / RPSC प्रासंगिकता

  • ➜ जैविक विविधता अधिनियम, 2002 एवं संस्थागत ढाँचा — NBA, SBB, BMC (GS-3 पर्यावरण)।
  • ➜ जैव विविधता हॉटस्पॉट एवं पूर्वोत्तर भारत की जैविक संपदा (प्रारंभिक परीक्षा)।
  • ➜ पहुँच एवं लाभ-साझाकरण (ABS) एवं नागोया प्रोटोकॉल (GS-3)।
  • ➜ रिपॉज़िटरी, टाइप नमूने एवं वर्गिकी का संरक्षण में महत्व (GS-3)।

UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न

जैविक विविधता अधिनियम, 2002 के अंतर्गत रिपॉज़िटरी जैसी संस्थाएँ भारत की जैव विविधता के संरक्षण और वैज्ञानिक अनुसंधान को किस प्रकार सुदृढ़ करती हैं? पूर्वोत्तर भारत के संदर्भ में विवेचना कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक)

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