तमिलनाडु ने मुख्यमंत्री नाश्ता योजना का नाम बदलकर पेरुंथलैवर कामराजर नाश्ता योजना किया
तमिलनाडु ने अपनी प्रमुख मुख्यमंत्री नाश्ता योजना का नाम बदलकर पेरुंथलैवर कामराजर नाश्ता योजना कर दिया है, जिसका सरकारी आदेश 22 जुलाई 2026 को जारी हुआ। सितंबर 2022 में DMK सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना सरकारी स्कूलों के बच्चों को निःशुल्क सुबह का भोजन उपलब्ध कराती है और राज्य की सबसे प्रमुख कल्याणकारी पहलों में से एक बन चुकी है।
यह कार्यक्रम मूल रूप से सरकारी प्राथमिक विद्यालयों की कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थियों के लिए था, जिसका उद्देश्य कक्षा में भूख की समस्या को दूर करना, उपस्थिति बढ़ाना तथा छोटे बच्चों के सीखने के परिणामों में सुधार करना था। पढ़ाई शुरू होने से पहले नाश्ता देकर यह योजना उस पोषण-अंतर को पूरा करती है जो प्रायः बच्चों की एकाग्रता को प्रभावित करता है, विशेषकर आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों में।
अब नाम परिवर्तन के साथ एक बड़ा विस्तार भी जुड़ा है। इसका दायरा सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों की कक्षा 6 से 8 तक बढ़ाया जाएगा, जिसका व्यापक क्रियान्वयन 17 सितंबर 2026 को निर्धारित है — यह समाज सुधारक पेरियार ई.वी. रामासामी की जयंती है। यह तिथि तमिलनाडु के सामाजिक-सुधार इतिहास से जुड़ी हस्तियों के साथ कल्याणकारी उपलब्धियों को जोड़ने की राज्य की परंपरा को दर्शाती है।
इस विस्तार का वित्तीय एवं मानवीय पैमाना काफी बड़ा है। लगभग 15 लाख अतिरिक्त विद्यार्थियों को योजना के अंतर्गत लाए जाने की उम्मीद है, जिससे कुल लाभार्थियों की संख्या राज्यभर में 34 लाख से अधिक हो जाएगी। विस्तारित कार्यक्रम का अनुमानित वार्षिक व्यय लगभग ₹343.55 करोड़ है, और सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹217.63 करोड़ स्वीकृत किए हैं।
नाम का चयन स्पष्ट रूप से राजनीतिक एवं सांस्कृतिक महत्व रखता है। के. कामराज, जिन्हें ‘पेरुंथलैवर’ (महान नेता) के रूप में सम्मानित किया जाता है, राज्य के मुख्यमंत्री रहे और उन्हें मध्याह्न भोजन तथा शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने जैसी ऐतिहासिक पहलों का श्रेय दिया जाता है। किसी पोषण योजना का नाम उनके नाम पर रखना इसे तमिलनाडु की शिक्षा-केंद्रित कल्याण परंपरा से जोड़ता है।
पोषण से परे, ऐसी योजनाओं का मानव पूंजी एवं सामाजिक समता के लिए व्यापक महत्व है। नियमित विद्यालय भोजन उच्च नामांकन, बेहतर उपस्थिति एवं कम ड्रॉपआउट से जुड़ा है, विशेषकर बालिकाओं तथा प्रथम-पीढ़ी के विद्यार्थियों के लिए। एक राज्य-वित्तपोषित हस्तक्षेप के रूप में, यह पुनर्नामित योजना यह भी दर्शाती है कि भारत में राज्य सरकारें केंद्रीय योजनाओं से स्वतंत्र रूप से बड़ी कल्याणकारी योजनाएं तैयार एवं वित्तपोषित कर रही हैं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Facts)
अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs)
कुल 10 प्रश्न — 7 मध्यम स्तर एवं 3 UPSC/RPSC स्तर के।
Q1. मुख्यमंत्री नाश्ता योजना का नाम किस नेता के नाम पर रखा गया है?
उत्तर देखें
Q2. तमिलनाडु में नाश्ता योजना पहली बार किस वर्ष शुरू हुई?
उत्तर देखें
Q3. पुनर्नामित योजना का विस्तार किन कक्षाओं तक होगा?
उत्तर देखें
Q4. 17 सितंबर 2026 को होने वाला विस्तार किसकी जयंती से जुड़ा है?
उत्तर देखें
Q5. विस्तार से लगभग कितने अतिरिक्त विद्यार्थी जुड़ेंगे?
उत्तर देखें
Q6. कुल लाभार्थियों की संख्या कितनी होने का अनुमान है?
उत्तर देखें
Q7. नाम बदलने का सरकारी आदेश 15 जुलाई 2026 को जारी हुआ, यह तिथि है:
उत्तर देखें
Q8. विद्यालय नाश्ता योजनाओं का विकासात्मक औचित्य सबसे अच्छे से क्या दर्शाता है?
उत्तर देखें
Q9. इस योजना को पूर्णतः वित्तपोषित व स्वयं तैयार करने का तमिलनाडु का निर्णय भारतीय शासन की किस विशेषता को दर्शाता है?
उत्तर देखें
Q10. कामराज जैसे नेताओं के नाम पर योजनाओं का नामकरण मुख्यतः किस उद्देश्य से होता है?
उत्तर देखें
UPSC / RPSC प्रासंगिकता
UPSC मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक प्रश्न
विद्यालय भोजन योजनाओं को अब मात्र कल्याणकारी सहायता के बजाय मानव पूंजी में निवेश के रूप में देखा जाता है। तमिलनाडु की पुनर्नामित एवं विस्तारित नाश्ता योजना के संदर्भ में, शैक्षिक परिणामों में सुधार एवं सामाजिक समता को आगे बढ़ाने में राज्य-नेतृत्व वाले पोषण हस्तक्षेपों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
(250 शब्द, 15 अंक)
📚 Cosmo Classes की अन्य महत्वपूर्ण कैटेगरी
नीचे दी गई कैटेगरी से अपनी तैयारी को और मजबूत बनाएं: